2 Hindi Audition Script For Male | Hindi Monologue 39

नहीं अनुष्काजी, मुझे आपकी बातों का बिलकुल बुरा नहीं लगा। लेकिन सच्चाई तो यही है कि वाकई में मैं एक अधूरा इंसान हूं। आप जानना चाहती है वह अधूरापन क्या है? दरअसल में जन्म से ही अंधा हूं। यह जो डब डबाई हुई आंखें आप देख रही है, इन आंखों में रोशनी नहीं है। देख नहीं सकती है यह आंखें। लड़कियों की खूबसूरती पर न जाने कितने गीत लिखे हैं मैने | लाल गुलाबी होंठ, काले घुंघराले बाल, लेकिन अपनी मन की आंखों से जिन लाल, काले, पीले, नीले रंगों की कल्पना आज तक करता आया हूं। क्या सच में वे वैसे ही है। मुझे क्या पता? मैंने तो कायनात को देखा ही नहीं। फिर कायनात की सुंदरता की क्या आकृति बनाऊं। बस मन ही मन अलग-अलग आकृतियां बनाता मिटाता रहता हूं। अनुष्का जी आप खुद सोचिए। आपने अपने मन मस्तिष्क के कैनवास पर, अपने होने वाले सपनों के राजकुमार का जो स्केच बनाया है। भले ही वह सुंदर ना हो। चाहे वह जैसा भी हो , लेकिन क्या कभी आप यह कल्पना कर सकती है, कि उसकी आंखों में रोशनी ना हो। नहीं अनुष्काजी एक अंधे से कोई मोहब्बत करें यह मुमकिन नहीं। और मैं मोहब्बत दया में नहीं चाहता।

पापा please… मैंने आपसें कितनी बार कहां है कि मुझे कोई जॉब वाॅब नहीं करनी है। हफ्ते में 6 दिन 10 से 7 जॉब करो। 3 घंटे का traval करो। उसके बाद sunday का वेट करो। पापा मैं इंसान हूं, कोई रोबोट मशीन नहीं। और एक बात बताइए। क्या कभी आपने यह जानने की कोशिश की है कि, मैं क्या करना चाहता हूं? What i want to be in my life. पापा मैं अपने pasion को ही प्रोफेशन बनाना चाहता हूं। मगर यह बाकी लोगों की तरह नहीं। जो सिर्फ पैसा कमाने के पीछे भाग रहे हैं। ल want to be a unique, defferent, extraordinary, और यह सब पाने के लिए मैं कुछ भी कर सकता हूं। किसी भी हद तक जा सकता हूं। फिर चाहे मुझे कोई सपोर्ट करें या ना करें, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।

Othe Audition Script:

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